प्रमुख प्राचीन व पौराणिक स्थल

इतिहास और उससे जुड़ी विरासत को लेकर जनपद कासगंज एक विशेष महत्त्व रखता है। कासगंज का इतिहास वैदिककाल से ही अपने प्रभाव में रहा है। जनपद में ऐसे कई प्राचीन विरासत और पुरातात्विक स्थल आज भी मौजूद हैं, जो यहां के समृद्धशाली इतिहास होने का प्रमाण देते हैं।

प्राचीन विज्ञान

कालांतर में सोरों नगर और उसके आस पास के क्षेत्र में ज्यामिति, मूर्ति कला के साथ ज्योतिष शास्त्र के ज्ञान के साथ अनेक निर्माण किये गए ।

वर्तमान विरासत

लम्बे समय बाद अब इस क्षेत्र के ऐतिहासिक धरोहरो पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और सोरों को पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है ।

प्राचीन विरासत

जो आज भी आकर्षण का केंद्र है ।

सोरों जी सूकर क्षेत्र

ऐतिहासिक, पौराणिक एवं पुरातात्विक स्थल

वराह भगवान मंदिर

भगवान श्री विष्णु के तृतीय अवतार भगवान श्री वराह को समर्पित है।

सीताराम मंदिर

मंदिर के मौजूदा ढांचे का निर्माण 10 वीं एवं 11 वीं शताब्दी में निर्मित हुआ है ।

श्री सूर्यकुंड

इसी स्थान पर सूर्य को संतान के रूप में वैवस्वतमनु व यम और यमुना की प्राप्ति हुई।

तुलसीदास जन्मभूमि

श्रीरामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मभूमि है।

* उपरोक्त सामग्री को इस वेबसाइट पर प्रस्तुत करने के लिए जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद कासगंज के सदस्य श्री अमित कुमार तिवारी का सहयोग लिया गया है ।